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Friday, July 23, 2010

विधायक जी का विद्रोह अब तो रोल बैक हो

 आंध्र, कभी जम्मू, कभी कर्णाटक, कभी बिहार और कभी देश के सबसे बड़े सदन में कुर्सियों का चलना, फेंकना, तोड़ा जाना बिलकुल आम हो गया है..बिहार में तो हद्द हो गयी...पहले विधायक रात भर सदन में रहते हैं फिर सुबह होते ही गुंडागर्दी पे उतर आते हैं...वह कुमारी ज्योति काली बन जाती हैं और परिसद के बाहर किये जाने पर मार्शल्स पर गमले मार कर धौंस दिखाती है..आखिर इन जनता के प्रतिनिधिनियो को हो क्या गया है..क्यूँ ये भूल गए हैं की इन्हें जनता ने लड़ने के लिए नहीं चुना बल्कि कुछ भले का काम करने के लिए चुना है..ये कब तक चलेगा...इन बेलगाम विधायको और सांसदों पर लगाम लगाने की जरुरत है...और ये जरुरत पूरी तब होगी जब जनता को ही चुने हुए इन बदतमीज़ नेताओ को वापस बुलाने का अधिकार दिया जाये. यानि की रोल बैक पॉवर...बदलाव जरुरी है..वक़्त आ गया है...हम सभी को जागना होगा क्यूंकि हम सोते बहुत हैं..जागो भाइयों जागो..वरना फिर हमेशा के लिए सोने को तैयार हो जाओ

1 comment:

bahut bahut dhanyawaad...swagat hai aapka comment karne ke liye